Rashi Parivartan of Jupiter: बृहस्पति का मकर राशि में प्रवेश ला रहा है बड़ा खतरा, जानें इस परिवर्तन का आप पर असर

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ग्रहों की दिशा व दशा में लगातार आ रहे परिवर्तन के बीच एक बार फिर साल 2021 के सितंबर में तीसरा सबसे बड़ा परिवर्तन देवगुरु बृहस्पति करने जा रहे है। ग्रहों की चाल में परिवर्तन के तहत मंगलवार, सितंबर 14 से देवगुरु न्याय के देवता शनि के दूसरे घर यानि मकर राशि में गोचर शुरु कर देंगे।

इस परिवर्तन के बाद जहां मकर राशि में गुरु व शनि देव की युति हो जाएगी। वहीं ये यहां नीच राजयोग का निर्माण करेंगे। जिसका असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा, ऐसे में जहां कुछ राशियां इस परिवर्तन से राहत प्राप्त करेंगी, वहीं कुछ के लिए परेशानी अत्यधिक बढ़ जाने की संभावना है। वहीं कुछ राशियों को इस समय लाभ होने की भी उम्मीद है।

दरअसल पंडित एके शुक्ला के अनुसार देवगुरु बृहस्पति मंगलवार,सितंबर 14 से मकर राशि में गोचर शुरु करेंगे और बुधवार, 15 सितंबर 2021 को 4:22 AM पर मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके बाद देवगुरु बृहस्पति 20 नवंबर 2021 की सुबह 11:23 AM तक मकर राशि में ही रहने के बाद एक बार फिर वापस कुंभ राशि में गोचर कर जाएंगे।

क्या होगा असर?
ज्योतिष के जानकार एके उपाध्याय के अनुसार इस परिवर्तन के बाद मकर राशि में गुरु व शनि देव की युति हो जाएगी। जबकि बृहस्पति का यह गोचर मकर राशि में नीच राजयोग बनाएगा। इस नीच राजयोग के चलते कोरोना में एक बार फिर तेजी देखने को मिलेगी, जबकि अक्टूबर 2021 में कोरोना की लहर अपने पीक पर आती दिख रही है।

इसका कारण यह है कि इसकी शुरुआत में बुध व शुक्र स्वराशि में रहेंगे, जिसके चलते कोरोना में हल्की गति से इजाफा होगा। लेकिन अक्टूबर 2021 में शुक्र के वृश्चिक राशि में प्रवेश करने के साथ ही कोरोना के एक बार फिर अपने चरम में आने की संभावना बन रही है। इसके बाद बृहस्पति यानि गुरु 20 नवंबर 2021 के वापस कुंभ में चले जाने से कोरोना का असर धीरे धीरे कम होता देखने को मिल सकता है।

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बृहस्पति / गुरु के राशि परिवर्तन का राशियों पर असर:

1. मेष राशि
इस समय देवगुरु का गोचर आपकी राशि से दसवें यानि कर्म भाव में रहेगा। ऐसे में जहां नौकरीपेशा लोगों की वेतन में बढ़ोत्तरी और पदोन्नति हो सकती है। वहीं व्यवसाइयों के लिए भी ये समय अत्यंत शानदार रहने की उम्मीद है। लेकिन इस समय आपको बीमारियों से सतर्क रहना होगा। इस समय आपको नेम और फेम दोनों की प्राप्ति संभव है।

उपाय: हर रोज श्री हनुमान की आराधना करें।

2. वृषभ राशि
इस समय आपकी राशि से देवगुरु नौवें यानि भाग्य भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में जहां आपको भाग्य का साथ मिलेगा, वहीं नौकरियों के नए प्रपोजल भी प्राप्त होंगे। आय के नए स्त्रोत खुलने के साथ ही इस समय आपके रूके कार्य भी पूर्ण होंगे। इस समय धर्म कर्म में अधिक मन लगेगा।

उपाय: देवी लक्ष्मी की पूजा हर रोज करें।

3. मिथुन राशि
आपकी राशि से देवगुरु इस समय आठवें यानि आयु भाव में गोचर करेंगे। जिसके चलते नौकरी में परेशानियों का सामना तो करना ही होगा साथ ही अचानक और गैर जरूरी यात्रा से भी दूर रहना होगा। आप में से कुछ को इस समय अच्छे ऑफर भी मिल सकते हैं। प्रेमी जोड़ों के लिए ये समय अच्छा रह सकता है।

उपाय: हर रोज भगवान शिव की आराधना करें।

4. कर्क राशि
इस समय आपकी राशि से देवगुरु सातवें यानि विवाह भाव में गोचर करेंगे। जिसके चलते दांपत्य जीवन में आ रहीं कई परेशानियों का हल निकलने की संभावना है। लेकिन निवेश से इस समय बचना होगा। इस दौरान अच्छी सैलरी के कुछ नए अवसर आपके सामने आ सकते हैं। नया व्यवसाय करने वालों के ये समय लाभ दे सकता है, लेकिन उन्हें निर्णय बहुत सोच समझकर और विवेक पूर्ण लेने होंगे।

उपाय: भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का हर रोज एक माला जाप करें।

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5. सिंह राशि
इस समय देवगुरु आपकी राशि से छठे यानि शत्रु व रोग भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में आपको अपनी सेहत के साथ ही शत्रुओं से भी सतर्क रहना होगा। कार्यक्षेत्र में तनाव और परेशानियां आपके लिए चुनौतीपूर्ण माहौल का निर्माण कर सकती हैं। वहीं जीवन साथी से भी इस समय विवाद हो सकता है, कुल मिलाकर ये समय आपके लिए मिलाजुले परिणाम वाला होगा। उचित होगा इस समय वाणी में मिठास रखने के साथ ही वाद विवाद से दूरी बन कर रखें।

उपाय: भगवान सत्यनारायण का पाठ करें।

6. कन्या राशि
इस समय देवगुरु आपकी राशि से पांचवें यानि बुद्धि व पुत्र भाव में गोचर करेंगे। इसके चलते इस दौरान आपके कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी। साथ ही निवेश के लिए भी ये समय उचित रहेगा। व्यवसाय में लाभ की संभावना के बीच इस समय आपको पुत्र की ओर से कुछ अच्छी खबर भी मिल सकती है।

उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें।

7. तुला राशि
इस समय देवगुरु आपकी राशि से चौथे यानि माता व सुख भाव में गोचर करेंगे। जिसके चलते जहां आपको पुश्तैनी संपत्ति से लाभ की संभावना है वहीं इस दौरान कॅरियर में भी आपको कई शानदार अवसर मिल सकते है। जबकि व्यवसाइयों को इस समय चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा सेहत को लेकर भी आपको सतर्क रहना होगा।

उपाय: भगवान शंकर के पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें।

8. वृश्चिक राशि
इस समय देवगुरु आपकी राशि से तीसरे यानि पराक्रम व छोटे भाई बहन के भाव में गोचर करेंगे। यह समय आपके लिए कठिन मेहनत वाला रहेगा, वहीं इस समय आपको अपने क्रोध पर भी नियंत्रण रखना होगा। अचानक खर्चों के कारण आर्थिक स्थिति में गिरवट के बीच कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने का भी संकेत है।

उपाय: श्री हनुमान चालीसा का प्रति दिन पाठ करें।

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9. धनु राशि
इस समय देवगुरु आपकी राशि से द्वितीय यानि धन व वाणी भाव में गोचर करेंगे। इसके चलते आपको धन लाभ की संभावना के बीच कॅरियर में वृद्धि की संभावना है। लेकिन इस समय आपको कई तरह की पारिवारिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। उचित रहेगा कि अपनी वाणी में लगाम के साथ ही मिठास भी रखें।

उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें।

10. मकर राशि
इस समय देवगुरु आपकी ही राशि में मतलब पहले जिसे लग्न भाव कहते हैं, में गोचर करेंगे। यह समय आपके लिए काफी अच्छा नहीं कहा जा सकता। लेकिन निवेश के लिए ये समय उचित रह सकता है। जबकि इस समय अति आत्मविश्वास से बचना होगा, वहीं इस दौरान भौतिक सुखों में कमी आ सकती है।

उपाय: सुंदरकांड का पाठ करें।

11. कुंभ राशि
इस समय देवगुरु आपकी राशि से द्वादश यानि व्यय भाव में गोचर करेंगे। जिसके चलते आपके खर्चों में वृद्धि होगी। वहीं कई स्त्रोतों से आय की भी संभावना है, खासतौर से विदेशों स्त्रोतों से! व्यावसायिक रूप से यह गोचर आपके लिए शुभ नहीं माना जा सकता।

उपाय: भगवान शंकर की शिव चालीसा का हर रोज पाठ करें।

 

12. मीन राशि
इस समय देवगुरु आपकी राशि से एकादश यानि आय भाव में गोचर करेंगे। इसके चलते इस दौरान आपको धनलाभ की संभावना है। यह समय आपके लिए काफी अच्छा रहेगा। शादी से जुड़ी चर्चाएं सफल रहने की उम्मीद के बीच इस समय आप नया कार्य प्रारंभ कर सकते हैं।

उपाय: प्रति दिन रामरक्षास्त्रोत का पाठ करें।





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