Ganesh Visarjan Muhurat 2021 : इस शुभ मुहूर्त में गणेश प्रतिमा का विसर्जन करें

0
35
Advertisement


अनंत चतुर्थी के दिन श्रीगणेश की प्रतिमा का विसर्जन

हिंदू कैलेंडर में भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से आरंभ होने वाले गणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी को किया जाता है। माना जाता है कि अनंत चतुर्थी के दिन श्रीगणेश की प्रतिमा का विसर्जन होने के बाद गणपति पुन: अपने लोक में वापस चले जाते हैं।

ऐसे में इस साल यानि 2021 में गणेश उत्सव भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि यानि शुक्रवार, 10 सितंबर से शुरु हुआ। जिसके बाद अब रविवार, 19 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश उत्सव का श्रीगणेश प्रतिमा विसर्जन के साथ समापन हो जाएगा।

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार हर कार्य का एक निश्चित व शुभ समय माना जाता है,ऐसे में गणेश प्रतिमा विसर्जन का भी शुभ मुहूर्त होता है। ऐसे में साल 2021 में गणपति प्रतिमा विसर्जन का शुभ मुहूर्त, ऐसे समझें।

श्री गणेश प्रतिमा विसर्जन: 19 सितंबर, रविवार के शुभ मुहूर्त-

चतुर्दशी तिथि शुरु: रविवार, 19 सितंबर 2021 : 05:59 AM से
चतुर्दशी तिथि का समापन: सोमवार, 20 सितंबर 2021 : 05.28 AM तक

सुबह: 07.39 मिनट से दोपहर 12.14 मिनट तक।

दोपहर: 01.46 मिनट से 03.18 मिनट तक।

शाम: 06.21 मिनट से 10.46 मिनट तक।

रात: 01.43 मिनट से 03.12 मिनट तक।

भोर की बेला : सोमवार यानि 20 सितंबर को सुबह 04.40 बजे से 06.08 बजे तक रहेगी।

Must Read- Ganesh Visarjan 2021: श्री गणेश प्रतिमा का विसर्जन की पौराणिक कथा

ganesh Visarjan

ध्यान रहे: रविवार, 19 सितंबर को 04.30 PM बजे से 6 PM बजे तक राहुकाल रहने के कारण इस समय विसर्जन न करें।

गणेश विसर्जन के शुभ मंत्र:
पंडित शर्मा के अनुसार गणेश विसर्जन के दौरान मंत्रों का जाप विशेष माना जाता है, माना जाता है कि यदि इन मंत्रों का जाप करते हुए बप्पा को विदा करने से वे कई आशीर्वाद प्रदान करते हैं। वहीं ये मंत्र मुख्यरूप से दो प्रकार के हैं।

1. श्री गणेश विसर्जन मंत्र
यान्तु देवगणा: सर्वे पूजामादाय मामकीम्।
इष्टकामसमृद्धयर्थं पुनर्अपि पुनरागमनाय च॥

2. श्री गणेश विसर्जन मंत्र
गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ स्वस्थाने परमेश्वर।
मम पूजा गृहीत्मेवां पुनरागमनाय च॥

ऐसे करें विसर्जन-

श्री गणेश विसर्जन से पूर्व स्थापित श्री गणेश प्रतिमा का संकल्प मंत्र के बाद षोड़शोपचार पूजन-आरती करना चाहिए। गणेश जी की मूर्ति पर सिंदूर चढ़ाएं। मंत्र बोलते हुए 21 दूर्वा-दल चढ़ाएं। 21 लड्डुओं का भोग लगाएं।

Must Read- Ganesh Chaturthi 2021: ये है गणेश विसर्जन की सरल विधि

 

Ganesh pooja

इनमें से 5 लड्डू मूर्ति के पास चढ़ाएं और 5 ब्राह्मण को प्रदान कर दें। शेष लड्डू प्रसाद के रूप में बांट दें।

विसर्जन के दिन के अन्य खास मुहूर्त :

1. अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:27 बजे से दोपहर 12:16 बजे तक।
2. अमृत काल मुहूर्त – शाम 08:14 बजे से शाम 09:51 बजे तक।
3. विजय मुहूर्त – दोपहर 01:54 बजे से दोपहर 02:42 बजे तक।
4. गोधूलि मुहूर्त – शाम 05:47 बजे से शाम 06:11 बजे तक।
5. संध्या मुहूर्त – शाम 05:58 बजे से शाम 07:08 बजे तक।
6. निशिता मुहूर्त – 11:28 PM से 20 सितंबर की 12:15 AM तक।
7. ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04:11 बजे 20 सितंबर से, 20 सितंबर सुबह 04:58 बजे तक।











Source link

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here