Diwali 2021: इस दिवाली की रात इन मंत्रों से करें जाप और हवन, साथ ही जानें इस बार कौन से ग्रह बना रहे हैं विशेष संयोग?

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सुख समृद्धि और सफलता की होगी प्राप्ति!

हिंदू धर्म के प्रमुख त्यौहारों में से एक दिवाली को सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता के अनुसार दिवाली का यह दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सबसे खास होता है। इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी के साथ ही बुद्धि के देव व प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की भी पूजा का विधान है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में दिवाली पर पूजा-अर्चना से मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर को धन धान्य से परिपूर्ण बना देती हैं।

वहीं पंडित एसके पांडे के अनुसार शायद ही कोई व्यक्ति हो जो मां लक्ष्मी की कृपा से महरूम रहना चाहता हो। तभी तो राजा हो या रंक, छोटा हो या बड़ा हर कोई चाहता है कि देवी मां लक्ष्मी सदा उनके घर में निवास करें।

ऐसे में हर कोई देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई तरह से कोशिश करता है, लेकिन कई बार जानकारी के अभाव में तमाम कोशिशों के बावजूद लोग माता लक्ष्मी की कृपा के पात्र नहीं बन पाते।

इस संबंध में पंडित पांडे का कहना है कि ऋग्वेद में माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने को लेकर बात कही गई है। जिसके अनुसार ‘श्री-सूक्त’ के पाठ और मंत्रों के जाप व मंत्रों से हवन करने पर देवी मां लक्ष्मी द्वारा मनचाही मनोकामना पूरी होने की बात कही गई है। ऐसे में माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति दिवाली की अमावस्या की रात श्री सूक्त का पाठ और मंत्रों से जाप करता है उसकी इच्छाएं पूरी होती हैं ।

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ऐसे समझें श्री-सूक्त के बारे में
दरअसल श्री-सूक्त में कुल पन्द्रह ऋचाएं हैं, जबकि माहात्म्य सहित इनकी संख्या 16 मानी गई है। इसका कारण यह है कि बिना माहात्म्य के पाठ करने से किसी भी स्तोत्र का फल नहीं मिलता। ऐसे में माना जाता है कि ऋग्वेद के अनुसार दिवाली की रात में श्री सूक्त के मंत्रों से 23 बजे से लेकर 1 बजे के बीच- 108 कमल के पुष्प या 108 कमल गट्टे के दाने को गाय के घी में डूबाकर बेलपत्र, पलाश और आम की समिधाओं से प्रज्वलित यज्ञ में आहुति देने और श्रद्धापूर्वक लक्ष्मी जी का षोडषोपचार पूजन करने से व्यक्ति अपने इस जन्म से लेकर अगले 7 जन्मों तक निर्धन नहीं होता हैं।

मंत्र-
पद्मानने पद्म-विपद्मपत्रे पद्मप्रिये पद्मदलायताक्षि ।
विश्व-प्रिये विष्णुमनोऽनुकूले त्वत्पादपद्मं मयि सं नि धत्स्व ।।

यानि-: कमल के समान मुख वाली! कमलदल पर अपने चरण-कमल रखने वाली! कमल में प्रीति रखने वाली! कमल-दल के समान विशाल नेत्रों वाली! सारे संसार के लिए प्रिय! भगवान विष्णु के मन के अनुकूल आचरण करने वाली! आप अपने चरण-कमल को मेरे हृदय में स्थापित करें ।

दिवाली 2021 में ऐसे समझें ग्रहों की चाल-
ज्योतिष के जानकार पंडित एके शुक्ला के अनुसार इस बार दिवाली गुरुवार 4 नवंबर 2021 को पड़ेगी। वहीं इस दिन ग्रहों की विशेष स्थिति के चलते विशेष योग का भी निर्माण होगा। दरअसल तुला और मकर राशि के ग्रहों का इस दिन खास संयोग दिखेगा। कारण यह है कि इस दिन तुला राशि में 4 ग्रहों की और मकर राशि में 2 ग्रहों की युति रहेगी। ऐसे में दिवाली 2021 के दिन राहु अपनी मदमस्त अवस्था में वृषभ राशि में, जबकि सूर्य सहित मंगल, बुध और चंद्रमा-शुक्र की राशि तुला में रहेंगे। वहीं केतु वृश्चिक राशि में तो शुक्र धनु और शनि अपनी खुद के स्वामित्व वाली मकर राशि में गुरु के साथ रहेंगे।





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